Parenting Tips: हर पेरेंट यही चाहता है कि उसका बच्चा पढ़ाई में टॉपर बने और जीवन में बड़ी कामयाबी हासिल करे। लेकिन क्या सच में केवल पढ़ाई ही बच्चे को सफल या सक्सेसफुल बनाती है? यदि ऐसा होता तो हर क्लास का पहला नंबर लाने वाला बच्चा आज सबसे बड़ा लीडर, बिजनेसमैन या आइकॉन होता। असलियत ये है कि पढ़ाई महत्वपूर्ण है, लेकिन कामयाबी का वास्तविक गोपनीय पढ़ाई से कहीं आगे छिपा होता है। बच्चे के अंदर कॉन्फिडेंस, ठीक संस्कार, समय की समझ और पॉजिटिव थिंकिंग जैसी चीजें ही उसे भीड़ से अलग और स्ट्रॉन्ग बनाती हैं। पेरेंट्स के लिए महत्वपूर्ण है कि वे बच्चों को केवल पुस्तकों तक लिमिट करके न रखें, बल्कि उन्हें जीवन जीने की वास्तविक सीख भी दें।
सेल्फ कॉन्फिडेंस
अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें बच्चे का सेल्फ कॉन्फिडेंस उसकी सबसे बड़ी ताकत होता है। यदि बच्चा स्वयं पर ट्रस्ट करना सीख जाए तो वह किसी भी कठिन काम को सरलता से कर सकता है। पढ़ाई में नंबर कम आना या गलती करना उसे कभी पीछे नहीं गिरा सकता, जब तक उसमें आगे बढ़ने का कॉन्फिडेंस है। पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों की छोटी-छोटी अचीवमेंट्स पर भी उनकी प्रशंसा करें और उन्हें हर काम आजमाने का मौका दें।
अच्छे संस्कार और ठीक व्यवहार
बच्चों के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अच्छा आदमी बनना भी महत्वपूर्ण है। यह एक मुख्य कारण है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही दूसरों से अच्छा व्यवहार करना, बड़ों का सम्मान करना और सहायता करना सिखाना चाहिए। ये आदतें न सिर्फ़ उन्हें समाज में इज्जत दिलाती हैं बल्कि लंबे समय में संबंध और करियर दोनों को मजबूत बनाती हैं।
टाइम की वैल्यू समझना
किसी भी सफल आदमी से पूछिए तो वह आपको यही बताएगा कि उसकी कामयाबी के पीछे टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ा कारण है। यदि बच्चा समय का ठीक इस्तेमाल करना सीख जाए तो वह पढ़ाई, स्पोर्ट्स और बाकी एक्टिविटीज में बैलेंस बना सकता है। इसलिए बच्चों को टाइम की वैल्यू और डिसिप्लिन बचपन से ही सिखाना महत्वपूर्ण है।
प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स
लाइफ में हर आदमी को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बच्चों के अंदर ये कैपेसिटी होनी चाहिए कि वे घबराने के बजाय हल ढूंढने पर ध्यान दें। इसके लिए पेरेंट्स बच्चों को छोटे-छोटे निर्णय लेने की आजादी दें और उन्हें सिखाएं कि हर प्रॉब्लम का कोई न कोई सॉल्यूशन जरूर होता है।
पॉजिटिव थिंकिंग
निगेटिव थिंकिंग वाला आदमी कभी खुश नहीं रह पाता और न ही कामयाबी हासिल कर पाता है। यह एक मुख्य कारण है कि बच्चों को यह सिखाना बहुत महत्वपूर्ण है कि हर हालात में पॉजिटिव रहना कितना महत्वपूर्ण है। यदि बच्चा हारने के बाद भी सीखने का नजरिया रखे तो वही उसे आगे जाकर सफल और एक विनर बनाता है।