भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने हाल ही में NEET-UG पेपर लीक विवाद पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों को अपनी असफलता के लिए केवल पेपर लीक को दोष नहीं देना चाहिए। उन्होंने संसद के मानसून सत्र के दौरान अपने संबोधन में कहा कि जो छात्र डॉक्टर, इंजीनियर या सिविल सेवक बनने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपनी मेहनत और योग्यता पर विश्वास करना चाहिए।
इस विवाद के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में की जाएगी।
सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संगठनों से संवाद करने की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों से मिलकर उनकी चिंताओं पर चर्चा करने की इच्छा जताई है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और इस मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।