जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद पूरी दुनिया में आतंकवाद के विरुद्ध नाराजगी देखी जा रही है. इस हमले में 26 लोग मारे गए. इस घटना से पहले पाक के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने बोला था कि कश्मीर पाक के गले की नस है. इसके साथ ही उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की दो देश की अवधारणा पर भी बल दिया था. इसके बाद हुई आतंकवादी घटना को असीम मुनीर के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है. पेंटागन के पूर्व अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन से जब इस बारे में प्रश्न किया गया तो उन्होंने असीम मुनीर और पाक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की बात कही.
माइकल रुबिन ने बोला कि निश्चित रूप से असीम मुनीर के भाषण ने आतंकवाद को हरी झंडी दिखाई. असीम मुनीर ने बोला कि कश्मीर गले की नस है. अब हिंदुस्तान को पाक की गर्दन काटने की आवश्यकता है. इसमें कोई संदेह या शक नहीं है. अब कोई शॉर्टकट नहीं है. हम जानते हैं कि पाक कई आतंकी समूहों का घर है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा भी शामिल है. दुर्भाग्य से पाकिस्तानी राजनयिक पश्चिमि राष्ट्रों को मूर्ख बनाते रहे हैं. इसके कारण आतंकवाद विरोधी कार्रवाई कम हई.
बांग्लादेश तक पहुंची समस्या
रुबिन ने बोला कि आतंकवाद की परेशानी पाक से बांग्लादेश तक पहुंच चुकी है. इस बारे में कुछ समय बाद खुफिया जानकारी भी सामने आएगी. उन्होंने आईएसआई को इस हमले के लिए उत्तरदायी ठहराते हुए कठोर कार्रवाई की बात कही. उन्होंने बोला “7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर ऐसा ही धावा किया था. यह धावा खास तौर पर यहूदियों के विरुद्ध था और केवल यहूदियों के विरुद्ध ही नहीं, बल्कि उन उदार यहूदियों के विरुद्ध भी था, जो गाजा पट्टी के साथ शांति और सामान्य स्थिति चाहते थे. छुट्टी मनाने गए मध्यम वर्ग के हिंदुओं को एक रिसॉर्ट में निशाना बनाकर आतंकवादियों ने यह साफ किया है कि पाकिस्तानी भी अब वही रणनीति अपना रहे हैं. यह पाक के लिए उतना ही सफल होना चाहिए जितना हमास के लिए था.”
इजराइल की तरह कार्रवाई करे भारत
माइकल रुबिन ने बोला कि साफ रूप से अब हिंदुस्तान का कर्तव्य है कि वह पाक और आईएसआई के साथ वैसा ही करे, जैसा इजरायल ने हमास के साथ किया था. अब समय आ गया है कि आईएसआई के नेतृत्व को समाप्त कर दिया जाए और उन्हें एक नामित आतंकी समूह के रूप में माना जाए और मांग की जाए कि हिंदुस्तान का सहयोगी हर देश, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सहयोगी हर राष्ट्र ऐसा ही करे.
असीम मुनीर को आतंकवादी घोषित करे अमेरिका
रुबिन ने बोला “संयुक्त राज्य अमेरिका को सिर्फ़ यही प्रतिक्रिया करनी चाहिए कि वह पाक को आतंकवाद का प्रायोजक राष्ट्र घोषित करे और असीम मुनीर को आतंकी घोषित करे. ओसामा बिन लादेन और असीम मुनीर के बीच एकमात्र अंतर यह है कि ओसामा बिन लादेन एक गुफा में रहता था और असीम मुनीर एक महल में रहता है, लेकिन इसके अतिरिक्त दोनों एक जैसे हैं और उनका अंत भी एक जैसा होना चाहिए.”
सुअर से की पाक की तुलना
पेंटागन के पूर्व अधिकारी ने बोला “यह चौंकाने वाला था, लेकिन इससे आपको यह पता चलता है कि आप सुअर पर लिपस्टिक लगा सकते हैं, लेकिन वह फिर भी सुअर ही रहेगा. आप यह दिखावा कर सकते हैं कि पाक आतंकवाद को प्रायोजित नहीं करता है, लेकिन वह आतंकवाद को प्रायोजित करता रहेगा, चाहे हम इसे कितना भी सामान्य बनाने की प्रयास करें. जैसे बिल क्लिंटन के हिंदुस्तान दौरे पर आतंकी धावा हुआ था, वैसे ही ऐसा लगता है कि पाक उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हिंदुस्तान यात्रा से ध्यान हटाना चाहता है. संयुक्त राज्य अमेरिका को पाक को ऐसा करने नहीं देना चाहिए, और हमें यह दिखावा नहीं करना चाहिए कि यह किसी तरह की अचानक की गई कार्रवाई है.“