Rajasthan School accident : राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के पिपलोदी गांव में हुए विद्यालय हादसे पर शोक जताते हुए बोला है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी पहले कार्रवाई करते तो यह दुर्घटना नहीं होता. शुक्रवार को सरकारी विद्यालय की इमारत का एक हिस्सा ढहने से सात बच्चों की मृत्यु हो गई और 27 अन्य घायल हो गए. इनमें से कुछ की हालत गंभीर है.
वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, शिक्षा विभाग के अधिकारी राज्य के ऐसे जर्जर भवन वाले विद्यालयों को पहले ही चिह्नित कर लेते और बच्चों को अन्यत्र किसी सुरक्षित भवन में स्थानांतरित कर देते तो यह दुर्घटना नहीं होता. इस हादसे के बाद मौजूदा विधायक राजे ने अपने बेटे एवं सांसद दुष्यंत सिंह के साथ हॉस्पिटल में घायल स्कूली बच्चों से मुलाकात की और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी.
उन्होंने बोला कि बहुत ही भयावह घटना है. हमारे परिवार के सात स्कूली बच्चों को भगवान ने हमसे छीन लिया. इस हादसे में 28 बच्चे घायल हो गए. जैसे ही मुझे इस घटना की जानकारी मिली. मुझे बहुत आघात लगा. मैं तथा झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह तुरन्त दिल्ली से यहां के लिए रवाना हो गए.
उन्होंने बोला कि शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी विद्यालयों का सर्वे करवाए. जहां भी विद्यालय जर्जर हालत में हैं, ऐसे विद्यालयों से बच्चों को अन्यत्र सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करे. ऐसे विद्यालयों को गिरा कर नए भवन बनवाएं, ताकि बच्चों की जीवन से खिलवाड़ नहीं हो.
राजे ने बोला कि यदि शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रदेश के ऐसे विद्यालयों को पहले ही चिन्हित कर लेते और बच्चों को अन्यत्र किसी सुरक्षित भवन में स्थानांतरित कर देते तो हमारे ये बच्चे काल का ग्रास नहीं बनते. उन्होंने बोला कि ऐसी घटनाओं से बच्चों और अभिभावकों में भय का वातावरण बनता है.
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखने और इस दिल विदारक घटना को लेकर कोई राजनीति नहीं करने की अपील की. उन्होंने प्रभावित परिवारों की सहायता किये जाने का आह्वान किया.