एकतरफ वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का खुमार हिंदुस्तान में छा चुका है। 27 सितंबर से इसका आगाज हुआ। दूसरी तरफ तीरंदाजी में हिंदुस्तान की शीतल देवी ने शीतल देवी वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हैं। 18 वर्ष की शीतल ने गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। 27 सितंबर को पैरा विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में अपना उन्होंने अपना बहुत बढ़िया प्रदर्शन जारी रखा। शीतल ने ग्वांगजू में स्त्री कंपाउंड पर्सनल वर्ग में तुर्किये की शीर्ष रैंकिंग वाली ओजनूर क्यूर गिर्डी को 146-143 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया है।
जीता तीसरा मेडल
यह शीतल का पहला मेडल नहीं है बल्कि उन्होंने हैट्रिक लगा दी है। इस प्रतियोगिता में उनका तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने टोमन कुमार के साथ मिलकर ग्रेट ब्रिटेन की जोडी ग्रिनहैम और नाथन मैकक्वीन को 152-149 से हराकर मिश्रित टीम स्पर्धा का सिल्वर जीता था। कंपाउंड स्त्री ओपन टीम स्पर्धा में, शीतल और सरिता ने फाइनल में तुर्किये से हारने के बाद रजत पदक जीता।
कांटे ही टक्कर
एकल फाइनल कंपटीशन में कांटे की भिड़न्त देखने को मिली। आखिर तक शीतल ने अपना धैर्य बनाए रखा। शुरुआती राउंड 29-29 से बराबरी पर था, जिसके बाद उसने दूसरे राउंड में 10-10 की हैट्रिक लगाकर बढ़त हासिल कर ली और वह अंत 30-27 से जीत लिया। तीसरा राउंड भी 29-29 से बराबरी पर रहा, हालांकि शीतल चौथे राउंड में एक अंक से हार गई। लास्ट राउंड में शीतल ने 30 अंक के लिए तीन परफेक्ट निशाने लगाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
सेमीफाइनल में बहुत बढ़िया प्रदर्शन
सेमीफ़ाइनल में भी शीतल से बहुत बढ़िया प्रदरशन देखने को मिली। जम्मू और कश्मीर की तीरंदाज़ ने ग्रेट ब्रिटेन की जोडी ग्रिनहैम को 145-140 से हराकर अपना दबदबा पहले ही दिखा दिया था। वर्ष 2023 में पिलसन वर्ल्ड चैंपियनशिप में गिरदी ने शीतल को मा दी थी, लेकिन इस बार उन्होंने जीतकर अपना खिताब अपने नाम कर लिया है।