लोकसभा में उस समय एक तीखी बहस छिड़ गई जब विपक्षी नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश देने का आरोप लगाया। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के उपयोग को उच्चतम स्तर पर मंजूरी दी गई थी। इस आरोप ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों से कड़ी आपत्तियां उत्पन्न कीं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को अपने दावों को सबूत के साथ साबित करने की चुनौती दी। रिजिजू ने आरोपों को निराधार बताते हुए जोर दिया कि बिना सबूत के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे मांग की कि गांधी की टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए और गांधी से माफी की मांग की।
बहस तब और तीव्र हो गई जब राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना ऐसे शब्दों में की जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने “असंसदीय” माना। परिणामस्वरूप, उन टिप्पणियों को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा दिया गया। इस घटनाक्रम ने NEET पेपर लीक विवाद के इर्द-गिर्द की मौजूदा राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।